भारत की बेटी ने रचा इतिहास, तुर्की में स्कीइंग में देश को दिलाया पहला मेडल

नई दिल्ली:  मनाली की आंचल ठाकुर ने मंगलवार को इतिहास रच दिया है, हिमाचल प्रदेश की आंचल ठाकुर ने स्कीइंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है, मनाली की रहने वाली आंचल ठाकुर ने स्कीइंग में भारत के लिए पहला मेडल जीता है, अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली आंचल भारत की पहली खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एल्पाइन एज्डेर 3200 कप में कांस्य पदक अपने नाम किया है।

बता दें कि एल्पाइन एज्डेर 3200 कप का आयोजन स्की इंटरनेशल फेडरेशन (FIS) करता है. आंचल ने यह मेडल स्लालम (सर्पिलाकार रास्ते पर स्कीइंग दौड़) रेस कैटेगरी में जीता है. आंचल ठाकुर मनाली के बुरूआ गांव से संबंध रखती हैं, तुर्की में छह से नौ जनवरी तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग प्रतियोगिता में आंचल ठाकुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई देशों के खिलाड़ियों को पछाड़ा और कांस्य पदक अपने नाम किया है।

इस पर अपनी ख़ुशी जताते हुए आंचल ने कहा, 'महीनों की कड़ी ट्रेनिंग के बाद आखिरकार मेरी मेहनत रंग लाई. मैंने यहां अच्छी शुरुआत की और शुरुआत में ही बढ़त बना ली, जिसकी बदौलत मैंने इस रेस में तीसरा स्थान हासिल किया इस जीत को आंचल ने अपने टि्वटर पर शेयर किया है और लिखा है की  'आखिरकार कुछ ऐसा हो गया है, जिसकी उम्मीद नहीं थी,  मेरा पहला इंटरनेशलन मेडल. हाल ही में तुर्की में खत्म हुए फेडरेशन इंटरनेशनल स्की रेस (FIS) में मैंने शानदार परफॉर्म किया।  

आंचल की इस उपलब्धि पर खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने उन्हें बधाई दी है और वहीं, आंचल ठाकुर की जीत से हिमाचल समेत उनके पैतृक गांव में खुशी की लहर है. आंचल ठाकुर मनाली के बुरूआ गांव से संबंध रखती हैं. आंचल के परिजनों को लगातार बधाईके फोन आ रहे हैं. आंचल ठाकुर के पिता रोशन ठाकुर मनाली में साहसिक खेलों के प्रशिक्षक हैं और यहां प्रशिक्षण संस्थान भी चला रहे हैं।