भारतीय सेना ने 2017 में 28 शहादतों का बदला 138 पाकिस्तानी जवानों को मार कर लिया

भारतीय सेना ने पिछले साल सीमा पर जवाबी फायरिंग और 'सर्जिकल स्ट्राइक' जैसी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के 138 जवानों को मार गिराया। सरकार से जुड़े खुफिया एजेंसियों के सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सीमा पर लगातार उकसावे की कार्रवाई करते रहने वाले पाकिस्तान के खिलाफ इसे एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

आपको बता दे, यह आंकड़े जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर गोलीबारी में हुई मौतों के हैं और भारत सरकार के खुफिया सूत्रों ने जारी किए हैं. सूत्रों का कहना है कि अक्सर यह देखने को मिलता है कि पाकिस्तानी सरकार अपने सैनिकों की मौत को स्वीकार ही नहीं करती.खुफिया सूत्रों का कहना है कि सीमा पर मारे जाने वाले सैनिकों को पाकिस्तानी सरकार आम नागरिक बताती है. सूत्रों के मुताबिक भारतीय सेना ने पिछले साल घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों पर काफी सख्त रुख अपनाया था.

खबरों के मुताबिक, बीएसएफ ने सितंबर 2017 में 'ऑपरेशन अर्जुन' चलाया जिसके तहत विशेष रूप से पाकिस्तान के पूर्व सैनिकों, आईएसआई और पाक रेंजर्स के अधिकारियों के आवास और खेतों को निशाना बनाया जो घुसपैठ और भारत विरोधी अभियान में मदद कर रहे थे। भारतीय कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी रेंजर्स को फायरिंग रोकने की अपील करनी पड़ी। इसके अलावा एलओसी पर की गई कार्रवाई में पाक के 155 सैनिक जख्मी भी हुए।कई बार भारतीय सेना ने पाक चौकियों को भी तबाह किया है। हालांकि पाकिस्तान मारे गए सैनिकों की पुष्टि करते हुए इन्हें आम नागरिकों की मृत्यु करार देता है। जानकारी में यह भी पता चला है कि इसी समयवधि में भारत के 28 जवान शहीद हुए।

रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद दिसंबर में भारतीय सेना ने एलओसी पर पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में 250-300 मीटर घुसकर अपने चार सैनिकों की शहादत का बदला लिया था। 'जैसे को तैसा' ऐक्शन में पाकिस्तान के तीन सैनिक मारे गए और एक घायल हो गया था। हालांकि यह ऑपरेशन पिछले साल हुई सर्जिकल स्ट्राइक जैसी बड़ी कार्रवाई नहीं थी, लेकिन सैन्य हलकों में इसे सिलेक्टिव टारगेटिंग का नाम दिया गया था।

आपको बता दें कि भारतीय सेना पिछले एक साल से जम्मू-कश्मीर में कठोर सैन्य नीति के तहत बेहद आक्रमक है। जिसके तहत घाटी में सितंबर 2017 से 'ऑपरेशन अर्जुन' चलाया जा रहा है। बीएसएफ खास तौर से पाक सैनिक, आईएसआई और पाक रेंजर्स के अधिकारियों को निशाना बना रही है। ये वहीं अधिकारी हैं, जो भारत विरोधी अभियानों में आतंकियों की मदद करते हैं।