हॉकी खिलाड़ी ने मदद मांगी तो भाजपा विधायक ने बनाया मजाक, मुख्यमंत्री शिवराज से लगाई गुहार

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में स्वच्छता अभियान चला रखा है. वे पूरे देश को खुले में शौच से मुक्त करना चाहते हैं. स्वच्छता के सर्वेक्षण में तो मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल देश में दूसरे स्थान पर रही थी, लेकिन आप को यह जानकर अचरज होगा कि भारतीय जूनियर हॉकी टीम की गोलकीपर खुशबू खान की झुग्गी का शौचालय तोड़ दिया गया है और पूरा परिवार खुले में शौच जाने को मजबूर है. देश की जूनियर हॉकी टीम की गोलकीपर खुशबू खान राजधानी के जहांगीराबाद इलाके में झुग्गी में अपने परिवार के साथ रहती हैं. वे इन दिनों बेहद तनाव के दौर से गुजर रही हैं.

आपको बता दें कि खुशबू भोपाल के जहांगीराबाद इलाके में एक झुग्गी में रहती है, उसके साथ उसका परिवार भी रहता है। परिवार में कुल सात सदस्य हैं। घर के भीतर शौचालय टूट गया था जिसके बाद पूरा परिवार खुले में शौच के लिए मजबूर है। दरअसल जिला प्रशासन ने शौचालय को तोड़ दिया था और अब परिवार को झुग्गी से बाहर निकालने की धमकी दी जा रही है। खुशबू डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक से गुहार लगा चुकी है, उसने गुहार लगाई है कि उसे स्टेडियम के पास घर दिलाया जाए, जिसके बाद उसे मदद का आश्वासन दिया गया था लेकिन अभी तक किसी ने उसकी मदद नहीं की है।

खबरों के मुताबिक, सुरेंद्र नाथ सिंह खुशबू के बारे में कहा कि अगर वह अच्छी खिलाड़ी होती तो झुग्गियों में नहीं रह रही होती बल्कि अबतक सरकार की ओर से उसे नौकरी मिल गई होती। खुशबू के पत्र के बारे में सुरेंद्र नाथ ने कहा कि मीडिया हर बात को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है। लाखों लोग ऐसे हैं जो खुशबू की तरह हैं। ऐसे में अब हर कोई सड़क पर खड़ा होकर मदद की मांग करेगा तो सभी को मदद पहुंचाना संभव नहीं है।

जानकारी के मुताबिक, डेढ साल पहले एक अस्पताल के प्रशासन ने अपनी जमीन के लिए उसके घर का शौचालय तोड़ दिया था। खुशबू ने सीएम से उसके घर में शौचालय बनवाने की सिफारिश की है। खुशबू ने कहा “मुझे मामा जी (सीएम) पर विश्वास है कि वे मेरे लिए कुछ करेंगे। मैं उनसे सिफारिश करती हूं कि वे मेरे परिवार को सुविधा प्राप्त करवाएं।” खूशबु द्वारा सीएम से मदद की गुहार लगाना बीजेपी विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह को रास नहीं आया और उन्होंने खुशबू का अपमान कर दिया। न्यूज 18 के अनुसार विधायक का कहना है कि अगर खुशबू अच्छी खिलाड़ी होती तो वह झुग्गियों में न रह रही होती बल्कि उसे सरकार की तरफ से अबतक नौकरी मिल गई होती।

आपको बता दे, पूर्व ओलंपियन और हॉकी प्रशिक्षक अशोक ध्यानचंद का कहना है कि "खिलाड़ियों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना होता है, यह सिर्फ मध्य प्रदेश में नहीं पूरे देश में है. जहां तक खुशबू की बात है तो उसे मैंने अपने व्यक्तिगत जोखिम पर लड़कों के साथ प्रशिक्षण दिया है."क्षेत्रीय सांसद आलोक संजर का कहना है कि "मध्य प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लगातार प्रयास कर रही है. जहां तक खुशबू का मामला है, इसे भी गंभीरता से लेकर हर संभव मदद की जाएगी."