जंग हुई तो उत्तर कोरिया का साथ देगा चीन, ये है कारण

नॉर्थ कोरिया और अमेरिका के बीच अब ज़बानी जंग भी आखिरी मुकाम पर है. मार्शल किम जोंग उन तो पहले से ही जंग पर आमादा है मगर अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी नॉर्थ कोरिया पर ऐसे हमले की धमकी दी है जैसा दुनिया ने पहले कभी न देखी हो. लेकिन किम जोंग उन को डराने की हर अमेरिकी कोशिश के बीच में चीन की दीवार खड़ी है.

आपको बता दे, अमेरिकी ख़ुफिया सैटेलाइट ने बड़ा ख़ुलासा किया है कि भारत का पड़ोसी मुल्क चीन नॉर्थ कोरिया को मदद पहुंचाता है.यूनाइटेड नेशन के प्रतिबंध के बाद भी चीन मार्शल किम जोंग उन के साथ नजर आ रहा है. अमेरिकी खुफिया सैटेलाइट ने चीन को तानाशाह किम की मदद करते हुए रंगे हाथों पकड़ा है. एक तरफ नॉर्थ कोरिया का मार्शल किम जोंग उन है, तो दूसरी तरफ महाशक्तिशाली देश अमेरिका का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. दोनों एक दूसरे को आमने सामने से देखे बिना ही इस कदर नफरत करने लगे हैं कि लगता है एक दूसरे पर हमला किए बिना चैन की सांस नहीं लेंगे. मगर दोनों की इस तनातनी की गूंज अब चीन में भी सुनाई पड़ने लगी है.

जानकारी के मुताबिक, इसकी वजह से नॉर्थ कोरिया से उसकी आर्थिक साझेदारी या दोस्ती नहीं बल्कि इसके कई कारण हैं. ये भी सच है कि अगर बिना जंग के कोई नॉर्थ कोरिया मामले का निपटारा करवा सकता है तो वो चीन ही है. यही वजह है कि अमेरिका इस मामले में चीन के रोल पर ज़ोर दे रहा है. खुद ट्रम्प ने चीन को व्यापार बढ़ाने का लालच भी दिया. मगर चीन अभी दूर से ही तमाशा देखने की नीति अपना रहा है. हालांकि चीन खुद भी इस समस्या को शांति से हल करना चाहता है. 1950 से लेकर 1953 तक नॉर्थ और साउथ कोरिया के बीच चली जंग में चीन और रूस ने उत्तर कोरिया का साथ दिया था. जिसके बाद यूएन की मध्यस्थता में हुई एक युद्धविराम संधि के साथ ही ये जंग खत्म हुई थी.

खबरों के मुताबिक, इस संधि में कहा गया है कि अगर चीन और नॉर्थ कोरिया में से किसी भी देश पर अगर कोई दूसरा देश हमला करता है, तो दोनों देशों को तुरंत एक-दूसरे का सहयोग करना पड़ेगा. पिछले सालों में इन दोनों देशों ने इस संधि की वैधता की अवधि बढ़ाकर 2021 तक कर दी है. विदेश मामलों के कुछ जानकार कहते हैं कि इस संधि से दोनों देशों को बड़ा फायदा मिला है. पिछले चार दशकों से उत्तर कोरियाई बाजार में चीन का एकछत्र राज कायम है. इसके अलावा अमेरिकी सेनाओं की इस क्षेत्र में मौजूदगी ने भी चीन को परेशान कर रखा है और इसीलिए वो जल्द इस समस्या को हल करना चाहता है. चीन लगातार यही कोशिश कर रहा है कि किसी तरह जंग के हालात को खत्म किया जा सके.चीन लगातार यही कोशिश कर रहा है कि किसी तरह जंग के हालात को खत्म किया जा सके. इसीलिए चीनी विदेश मंत्री ने अमेरिका और उत्तर कोरिया दोनों को ही चेताते हुए कहा था कि अगर युद्ध हुआ तो उसमें जीत किसी की नहीं होगी जबकि दोनों को कभी न दूर होने वाले जख्म झेलने पड़ सकते हैं.