एक महिला की दर्दनाक दास्तान, बनी तस्करी की शिकार

हमारे देश में तस्करी और दरिंदगी एक मामूली चीज बन चुकी है। ऐसे ही एक घटना सामने आयी है जिसे सुनके आप हैरान रहोगे. 'खरीदी हुई चीज सभी इस्तेमाल करते हैं' यह कहा था मेरे जेठ ने...य़ह कहते हुए 21 वर्षीय पीड़ता फफक-फफक कर रोने लगी. पीड़ता की आंखों में वो सारे खौफनाक मंजर साफ तौर से बहते हुए आंसुओं के बीच देखे जा सकते हैं. साइबर सिटी गुरुग्राम में महिला तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है.

आपको बता दे, पीड़िता आज डेढ़ साल की मासूम बच्ची की मां है. किसी तरह दरिंदे के चंगुल छूटकर वह अपने परिवार के पास पहुंची. इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया. एसीपी मनीष सहगल की माने तो पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है. इसकी तफ्तीश की जा रही है. 21 वर्षीय पीड़िता ने गुरुग्राम पुलिस को दी गई एफआईआर में दर्ज करवाया है कि करीब 9 साल पहले उसका मुंहबोला मामा पुष्पिंदर उसका अपहरण कर यूपी के एटा बस स्टैंड पर ले गया. वहां संतोष नामक शख्स को 20 हजार रुपये में बेच दिया. संतोष ने आगरा ले जाकर उसे अशोक नामक शख्स के हाथों बेंच दिया.

जानकारी के मुताबिक, इस दौरान मासूम रोती रही बिलखती रही, लेकिन किसी ने कोई दया या हमदर्दी ने उस मासूम पर नहीं दिखाई. पीड़िता की माने तो 9 साल तक अशोक उससे लगातार रेप की वारदात को अंजाम देता रहा. उसके साथ शादी की बात कह उससे हैवानियत की हदें पार करता रहा. इस बीच उसको एक बच्चा भी हो गया.आरोपियों की तलाश की जा रही है.