बुजुर्ग दंपति ने राष्ट्रपति से की इच्छा मृत्यु की फरियाद

मुंबई: समाज के लिए इस उम्र में कोई योगदान ना देने में सक्षम रहने पर एक बुजुर्ग दंपति ने मृत्यु की फरियाद लगाई, बता दे मुंबई शहर के एक दंपति ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है. गौरतलब है की मुंबई के चारणी रोड के समीप स्थित ठाकुरद्वार में रहने वाले वयोवृद्ध दंपति नारायण लावते (88) और उनकी पत्नी इरावती (78) बेऔलाद हैं. उनका कहना है की अब उनको लगता है कि समाज के लिए या खुद अपने लिए उनकी कोई उपयोगिता नहीं रह गई है. वे इस उम्र में समाज के लिए कोई योगदान देने में सक्षम नहीं हैं वे अपनी देखभाल भी खुद नहीं रख सकते. ऐसे में यदि कोई अन्य उनकी देखभाल करने के लिए आगे आता है तो वह 'संसाधनों की बर्बादी' होगा. बताया जा रहा है कि दंपत्ति के अपने सगे भाई-बहन भी अब इस दुनिया में नहीं हैं. दंपति के मुताबिक उनके जीने की अब कोई वजह नहीं बची है।

इन दंपति ने अपनी याचिका में अपना बचा हुआ धन राज्य के कोषागार में जमा कराने का वादा भी किया है. उन्होंने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप का अनुरोध किया है क्योंकि उन्हें लगता है कि किसी गंभीर रोग से उनके ग्रसित होने तक उन्हें मृत्यु का इंतजार करने के लिए मजबूर करना अनुचित है. बता दें कि इरावती स्‍कूल प्रिंसिपल रह चुकी हैं, जबकि नारायण पूर्व सरकारी कर्मचारी हैं. इरावती ने एएनआई से कहा, "शादी के पहले साल में ही हम लोगों ने बच्‍चा नहीं करने का फैसला कर लिया था. बुजुर्ग अवस्‍था में हम लोग नहीं चाहते कि कोई दूसरा हमारी जवाबदेही ले।

इस पुरे मामले में लावते ने कहा कि स्विटजरलैंड में 'डिग्नीटाज' नाम का एक संगठन है. यह उन लोगों के लिए जो अपनी जीवनलीला समाप्त करना चाहते हैं. इस काम में उनकी मदद करने वाले चिकित्सकों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप नहीं लगता. उन्होंने अनुरोध किया कि उनके मामले को 'एक्टिव यूथेन्सिया' का एक अपवाद मामला बनाया जाए।