गुजरात के Gay प्रिंस अपने महल में बनाएंगे LGBT सेंटर, खोल दिया दरबार के दरवाजे...

गुजरात में नर्मदा नदी के खूबसूरत तट पर स्थित जिस शाही पैलेस में कभी भारत के वायसराय और लेखक इआन फ्लेमिंग का भव्य स्वागत किया गया था, उसे अब LGBTQ (लेजबियन, गे, बाइसेक्शुअल, ट्रांसजेंडर, क्वीर) कम्युनिटी के लिए पहला रिसोर्स सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। गुजरात के राजपीपला के ‘गे’ राजकुमार मानवेंद्र सिंह गोहिल ने एक अनोखी पहल की है। राजपिपाला के 'गे प्रिंस' मानवेंद्र सिंह गोहिल इस पैलेस में एक केंद्र का विकास कर रहे हैं जिसे 'हनुमंतेश्वर 1927' नाम दिया गया है।

आपको बता दे, अपने पैलेस के दरवाजे गे लोगों के लिए खोलने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मानवेंद्र सिंह ने कहा कि वो इस बात को जानते हैं कि कभी किसी बच्चे के पिता नहीं बन पाएंगे. इसलिए अब वो अपने पैसे और पैलेस की जीमन को सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहते हैं. आगे बोलते हुए मानवेंद्र ने कहा पैलेस में इन लोगों को ना सिर्फ रहने के लिए जगह दी जाएगी बल्कि आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा. मानवेंद्र ने मीडिया से कहा कि ज्यादातर समलैंगिक लोगों को नौकरी पाने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए पैलेस में इन लोगों को अंग्रेजी बोलने और लिखने की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वह सभी अच्छी नौकरी पा सके.

रिपोर्ट के मुताबिक, इस महल का निर्माण उनके पूर्वजों ने 15 एकड़ जमीन पर कराया था जो नर्मदा जिले में राजपिपाला से 15 किलोमीटर दूर स्थित है। प्रिंस गोहिल ने कहा, 'राजपिपाला के अंतिम शासक और मेरे दादाजी महाराजा विजयसिंहजी ने इस शाही संपत्ति का निर्माण कराया था। इस महल में अब तक भारत के वायसराय, हॉलीवुड सितारों समेत कई नामचीन हस्तियां आ चुकी हैं।' उन्होंने कहा, 'मैं यहां पर यौन अल्पसंख्यकों के लिए यहां पर एक रिसोर्स सेंटर बना रहा हूं।' वह इस सेंटर को LGBTQA सेंटर नाम से बुलाते हैं। यहां A से मतलब उन सहयोगियों से है जो इस समुदाय के अधिकारों का समर्थन करते हैं।

खबरों के मुताबिक, मानवेंद्र सिंह गोहिल गुजरात के राजपीपला के राजकुमार हैं. वो दुनिया के पहले ऐसे शख्स हैं जिन्होंने राजघराने से सरोकार रखते हुए दुनिया के सामने अपने 'गे' होने की बात को स्वीकार किया था. गे होने बात को सारी दुनिया के सामने स्वीकार करने के बाद मानवेंद्र को काफी विरोधों का सामना करना पड़ा था. लोगों ने जगह-जगह उनके पुतले भी जलाए यहां तक की घरवालों ने परिवार से उन्हें बदखल तक कर दिया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और सबकी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया.प्रिंस गोहिल ने कहा कि यह केंद्र LGBTQ समुदाय को कंप्यूटर, अंग्रेजी भाषा और अन्य चीजों का प्रशिक्षण देगा ताकि वे रोजगार पा सकें और वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर हो सकें।'