गोरखपुर में बच्चों की चीख भूल, शुरू हो रहा है योगी सरकार का प्रफुल्ल से महोत्सव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में आज से शुरु हो रहे गोरखपुर महोत्सव से पहले बड़ा विवाद हो गया है. सवाल खड़े हो रहे हैं कि जिस गोरखपुर में आए दिन बच्चे मरते हैं, वहां सरकार जश्न मना रही है.उत्तर प्रदेश का शहर गोरखपुर जो अबतक मासूमों की मौत के कलंक से दागदार रहा है. बता दें कि गोरखपुर में पिछले साल अगस्त में ऑक्सीजन की कमी से करीब 36 बच्चों की मौत हो गई थी. यूपी सत्ता के सिंहासन पर विराजमान सीएम योगी आदित्यनाथ इसी गोरखपुर शहर से आते हैं.विपक्ष ने कहा कि योगी सरकार संवेदनशील नहीं रह गई है.

आपको बता दे, एक तरफ मौत, दूसरी ओर महोत्सव! करा रहे है  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में ये महोत्सव 11 जनवरी से 13 जनवरी तक चलेगा. गौरतलब है कि यूपी में जब मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव सीएम थे तो सैफई में महोत्सव होता था. अब योगी सीएम हैं तो उनके शहर गोरखपुर में महोत्सव शुरू हो रहा है. इसको लेकर विपक्ष लगातार योगी सरकार पर निशाना साध रहा है. विपक्ष का कहना है कि एक तरफ गोरखपुर में बच्चे मर रहे हैं और योगी सरकार महोत्सव मना रही है.

खबरों के मुताबिक, गोरखपुर महोत्सव पर सीधे सवाल खड़े करने के बजाए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ऐसी घटना का जिक्र किया, दिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. बता दें कि 5 महीने पहले सीएम योगी के शहर गोरखपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बाबा राघव दास अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 64 बच्चों ने दम तोड़ दिया था. मरने वाले महज 64 मासूम नहीं थे बल्कि 64 परिवारों की खुशियों ने हमेशा के लिए दम तोड़ा था. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि गोरखपुर में साल 2014 से अगस्त 2017 तक करीब 20 हजार 205 बच्चों की मौत हो चुकी है. आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2014 में 5 हजार 850, 2015 में 6 हजार 917, साल 2016 में 6 हजार 121 और साल 2017 में अगस्त तक एक हजार 317 बच्चों की मौत हुई है.

जानकारी के मुताबिक, हर साल सैफई महोत्सव का आयोजन करने वाले पूर्व सीएम अखिलेश यादव सीएम योगी पर सैफई महोत्सव की नकल करने का आरोप लगाया है. अखिलेश ने कहा है कि हम सैफई महोत्सव कराते हैं. योगी जी इसी की नकल करके गोरखपुर महोत्सव करा रहे हैं. हम भी तो देखें की गोरखपुर महोत्सव ज्यादा अच्छा होगा या सैफई महोत्सव.

रिपोर्ट के मुताबिक, इस महोत्सव का ये रंग और ये शोर गोरखपुर का दर्द मिटाने के बाद परवान चढ़ा है. काश कि ऐसा ही हो, लेकिन ऐसा ना हुआ तो क्या ये उस प्रचंड बहुमत का अपमान नहीं, जो बीजेपी को मिला है.क्या ये सत्ता का वैसी ही रंग नहीं जिसका अबतक बीजेपी विरोध करती रही है. सैफई महोत्सव की तर्ज पर ही गोरखपुर महोत्सव में बॉलीवुड और भोजपुरी नाइट का तड़का भी लगेगा. 11 जनवरी की शाम में बॉलीवुड सिंगर शंकर महादेवन की प्रस्तुति होगी. बैले डांसर सुरभि सिंह अपनी डांस परफार्मेंस देगी 12 जनवरी की शाम रवि किशन, अनूप जलोटा और मालिनी अवस्थी के नाम होगी. 13 जनवरी की शाम ललित पंडित, सिंगर शान, भूमि त्रिवेदी, अनुराधा पौडवाल, जिमी मोसेस की प्रस्तुति होगी.