राजधानी दिल्ली में साल 2017 में हर रोज 5 से ज्यादा बलात्कार के मामले दर्ज किये गया

नई दिल्ली: भागती हुई दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध थमने का नाम नही ले रहा है, राजधानी दिल्ली में हर रोज कई बलात्कार के केस आते है, कहा जाता है की यहां लड़किया सुरक्षित नहीं रह पाती, बता दे दिल्ली पुलिस के हालिया आंकड़ों के मुताबिक देश की राजधानी दिल्ली में साल 2017 में हर दिन बलात्कार के औसतन पांच से अधिक मामले दर्ज किए गए. आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि ज्यादातर मामलों में आरोपी पीड़िता का परिचित था।

आपको बता दे दिल्ली पुलिस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक साल 2017 में बलात्कार के 2049 मामले दर्ज किए गए जबकि साल 2016 में 2064 मामले दर्ज किए गए थे. इसी तरह पिछले साल छेड़छाड़ के 3273 मामले दर्ज किए गए, इस आंकड़ों के मुताबिक लड़कियों और महिलाओं पर फब्तियां कसने के मामलों में कमी दर्ज की गई. 2016 में इसके तहत 894 मामले दर्ज किए गए थे जबकि पिछले साल 621 मामले दर्ज किए गए।

दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई सारे कदम उठाए गए हैं। वहीं, हत्या के 45 फीसदी से अधिक मामले निजी रंजिश को लेकर थे, बता दे दिल्ली पुलिस की इस सालाना रिपोर्ट के मुताबिक 2016 की तुलना में साल 2017 में हत्या के मामलों में कमी दर्ज की गई है. पिछले साल हत्या के 462 मामले दर्ज किए गए थे जबकि 2016 में हत्या के 501 मामले दर्ज किए गए थे. दिल्ली पुलिस ने पिछले साल 8000 कीलो से अधिक मादक पदार्थ जब्त किया था. एनडीपीएस एक्ट के तहत पिछले साल 362 मामले दर्ज किए गए जबकि 2016 में इस तरह के 289 मामले दर्ज किए गए थे. दिल्ली पुलिस ने पिछले साल सोनू दरियापुर सहित कुल 110 खूंखार अपराधियों को गिरफ्तार किया।

दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त आरपी उपाध्याय ने बताया कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने शहर के खतरनाक अपराधी सत्यवान सहरावत उर्फ सोनू दरियापुर को सितंबर में गिरफ्तार किया, दिल्ली यातायात पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने को लेकर पिछले साल 60 लाख से अधिक चालकों पर मामला दर्ज किया और जुर्माने के तौर पर 94.25 करोड़ रूपया इकट्ठा किया. अनुचित पार्किंग और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने के मामलों में सर्वाधिक जुर्माना वसूला गया. इसके तहत 10.37 और 5.93 लाख चालान काटे गए.  अब सवाल यह है की क्या सच में दिल्ली अब लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं रहा है, या आगे कभी ऐसा भी होगा की लड़किया यहां आजादी से जी सखेगी ।