जनरल रावत बोले- चीन शक्तिशाली देश, लेकिन भारत भी कमजोर नहीं

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि कश्मीर से आतंकवाद खत्म नहीं हुआ. सेना का फोकस अभी तक दक्षिण कश्मीर पर था। लेकिन उत्तर कश्मीर की तरफ से भी सर्दियों में घुसपैठ हो रही है इसलिए इस साल हमारा विशेष फोकस उत्तर कश्मीर पर रहेगा. ना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए चीन पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि, चीन एक शक्तिशाली देश है, लेकिन भारत कोई कमजोर राष्ट्र नहीं है. सेना प्रमुख ने आगे कहा, चीन दबाव डाल रहा है. हम इससे निपट रहे हैं. हां, हमें यह प्रयास करना चाहिए कि यह दबाव बढ़े नहीं. हम अपने क्षेत्र को आतंकित करने की अनुमति नहीं देंगे. सैनिक तैनात हैं, यदि जरूरत पड़ती है तो हमारी सेना तैयार हैं.

जानकारी के मुताबिक, सेना प्रमुख ने कहा कि हम अपने पड़ोसियों को चीन के पाले में जाने नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर अमेरिकी दबाव के प्रभाव को देखना होगा, हमें इसको लेकर इंतजार की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि हमें अपनी चुनौतियों से निबटना होगा। दिल्ली में सेना प्रमुख ने कहा कि हमें आधुनिक हथियार और तकनीक चाहिए जिससे भविष्य के युद्ध के लिए हम तैयार हो सके। खबरों के मुताबिक, जनरल बिपिन रावत ने चीन पर ही आगे बात करते हुए कहा, चीन की हठधर्मिता से निपटने में हम सक्षम हैं. उन्होंने कहा कि हम अपने पड़ोसियों को चीन के पाले में जाने नहीं दे सकते. सेना प्रमुख ने क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने के आक्रामक चीन के प्रयासों के बीच कहा कि भारत अपने पड़ोसियों को देश से दूर होकर चीन के करीब नहीं जाने दे सकता.

आपको बताते चले,  रावत के अनुसार शहीदों के बच्चों के लिए सेना संस्कृति स्कूल की तर्ज पर दो स्कूल खोलेगी। एक पठानकोट तथा दूसरा भोपाल या सिकदराबाद में खोला जाएगा। इसे सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि शहीदों के बच्चों के लिए स्कूल फीस में दस हजार रुपये की अधिकतम सीमा निर्धारित करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाएगा।सेना प्रमुख बिपिन रावत ने आगे कहा कि अब देश की उत्तरी सीमा पर ध्यान केंद्रित करने का समय आ गया है। साल 2017 में हमारा फोकस दक्षिणी कश्मीर में था, अब हम उत्तरी कश्मीर के बारामूला, पाटन, हंदवाड़ा, कुपवाड़ा, सोपोर और लोलाब के कुछ इलाकों पर ध्यान केंद्रित करेंगे जिससे कि वहां से हो रही घुसपैठ को रोका जा सके।

रिपोर्ट के मुताबिक, रावत ने आतंकवाद से निपटने को लेकर पाकिस्तान को दी गई अमेरिका की चेतावनियों के बारे में कहा कि भारत को इंतजार करना होगा और इसका असर देखना होगा.उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादी केवल इस्तेमाल करके फेंकने की चीज हैं और भारतीय सेना का नजरिया यह सुनिश्चित करना रहा है कि उसे दर्द का एहसास हो.