गुरुग्राम: 32 लाख के धोखाधड़ी मामले में दो नाइजीरियन गिरफ्तार

कहते है न देर से ही सही सजा सबको मिलता है वैसे ही, गुरुग्राम पुलिस ने 32 लाख रुपये के धोखाधड़ी मामले को सुलझाने में सफलता हासिल की है. पुलिस ने धोखाधड़ी में शामिल दो नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया है. इसी मामले में गुरुग्राम पुलिस की साइबर सेल इससे पहले दो भारतीयों को भी गिरफ्तार कर चुकी है.आपको बता दे, मामले में इससे पहले गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ के दौरान पता चला था कि इस फ्रॉडगिरी में दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. तभी से साइबर सेल दोनों नाइजीरियाई नागरिकों को ट्रेस कर रही थी. पीड़ित मंजीत दुहन ने इस मामले में सेक्टर 56 थाना में शिकायत दर्ज कराई थी.

पुलिस ने बताया कि गुरुग्राम में हर्बल सीड्स के नाम पर 32 लाख रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दिया था. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार दोनों नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने वाली है.आपको बताते चलें कि दिल्ली एनसीआर में हाल के दिनों में फ्रॉडगिरी करने वाले इस तरह के कई गैंग का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें अफ्रीकी मूल के बदमाश संलिप्त रहे हैं. हाल ही में दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इसी तरह के एक गैंग का पर्दाफाश किया था, जो किसी कंपनी का CEO बनकर उस कंपनी के स्टाफ को मेल करता और बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवा लेता.

आपको बता दे, साइबर सेल के मुताबिक, यह गैंग किसी कम्पनी में काम करने वाले व्यक्ति को उस कम्पनी का CEO बनकर मेल भेजता था और एक बैंक अकाउंट में एक निश्चित राशि जमा कराने के लिए कहता. लेकिन कर्मचारी जब अपनी कंपनी के CEO के अकाउंट में पैसे भेज चुका होता तब जाकर उसे पता लगता कि उसने तो किसी और के अकाउंट में पैसे भेज दिए हैं.

पुलिस के मुताबिक, इसी तरह यह गैंग हाई प्रोफाइल तरीके से लोगों से अपने बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवा लेता . सबसे हैरान करने वाली बात तो यह है कि गैंग का मास्टरमाइंड अमित गुप्ता मात्र 5वीं तक शिक्षा प्राप्त है. हालांकि अफ्रीकन नागरिक जरूर पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर है.अफ्रीकन नागरिक टेक्नोलॉजी में एक्सपर्ट है, जो पहले किसी कम्पनी की पूरी डिटेल निकालता फिर उस कम्पनी के CEO के नाम से मेल भेजकर लाखों की चीटिंग करता था. ऐसा ही एक मामला हाल में कालकाजी थाना में आया और उस मामले में चीटिंग का मामला दर्ज किया गया था.