थाईलैंड बचाव कार्य में इंडिया का रहा बड़ा योगदान, जानिए आखिर भारत ने कैसे की मदद 

नई दिल्ली: थाईलैंड की गुफा में बीते कई दिनों से फंसे 12 बच्चों और 1 कोच को आखिरकार मंगलवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. लेकिन आपको बता दे इस बड़े ऑपरेशन में भारतीय कंपनी ने भी अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया है. पुणे में मुख्यालय वाली कंपनी के विशेषज्ञों ने थाईलैंड गुफा में फंसी फुटबॉल टीम के बचाव अभियान में तकनीकी सपोर्ट देकर बड़ा योगदान दिया. मंगलवार को इस कंपनी ने यह जानकारी दी थी. 

आपको बात दे पुणे की कंपनी किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड (केबीएल) ने कहा कि थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावास ने थाई अधिकारियों को बचाव अभियान  में केबीएल की विशेषज्ञता के इस्तेमाल की सिफारिश की थी, जिसके बाद कंपनी ने भारत, थाइलैंड और ब्रिटेन से अपने विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजा. बता दें कि यह टीम पानी निकालने के लिए विशेषज्ञ है. उन्होंने जंगल में जनरेटर के जरिए ये पंप शुरू किए.

इसके साथ ही थाईलैंड सरकार ने प्रसाद कुलकर्णी और उनकी टीम का शुक्रिया अदा किया है. वही खबर है कि गुरुवार या शुक्रवार को यह टीम भारत वापस आने वाली है. कंपनी केबीएल ने अपने बयान में बताया है कि उनकी विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल यानी गुफा के पास पांच जुलाई से ही मौजूद थी और बचाव अभियान के दौरान गुफा से कैसे पानी निकाला जाए, पंप से कैसे गुफा को पानी से कम किया जाए, इन सभी चीजों पर तकनीकी सलाह दे रही थी और मदद कर रही थी. 

बता दे 18 दिन से चले इस हैरतअंगेज बचाव कार्य में सभी फुटबॉल टीम के सदस्यों को बाहर निकाल लिया गया है. इसमें 12 बच्चे थे और एक कोच थे. ये सभी करीब 23 जून से ही उस गुफा में फंसे थे और उन्हें निकालने के लिए कई दिनों से बचाव कार्य चल रहा था. फिलहाल इन बच्चों को डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है.